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कारगिल के इस जांबाज का दर्द, आज भी पैर में फंसी है गोली, पढ़े पूरी खबर…

डेस्क। कारगिल युद्ध को 19 साल बीत चुके हैं लेकिन आज भी जाबांज जवान सतवीर के एक पैर में दुश्मनों की एक गोली फंसी हुई है। गोली की वजह से वे बैसाखी का सहारा लेकर चलते हैं। सतवीर सिंह के पैर में 2 गोलियां लगी थीं। एक तो पांव से लगकर एड़ी से निकल गई और दूसरी पैर में ही फंसी रह गई। 19 सालों तक पैर में दुश्मन की गोलियों को लिए जी रहे सतवीर सिंह को अब मदद मिल सकती है। सतवीर सिंह को लेकर राज्यसभा में उठे प्रश्नों के जवाब में  मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि सरकार ने कारगिल युद्ध में घायल हुए सेना के लांस नायक सत्यवीर सिंह को हर उचित मदद दी है और उन्हें नियमों के तहत सभी भुगतान कर दिया गया है। रक्षा मंत्री ने जनता दल यू के रामनाथ ठाकुर द्वारा शून्यकाल में लांस नायक सिंह की बदहाली का मामला उठाए जाने पर कहा कि सरकार शहीद की स्थिति के बारे में बतायी गई बातों को समझती है लेकिन कारगिल की लड़ाई में घायल हुए इस जवान की उचित मदद की गयी है और रक्षा मंत्रालय ने उन्हें उचित सहायता राशि का भुगतान किया है। उन्होंने कहा कि जवान के बारे में मीडिया में आई रिपोर्ट पर वह कुछ नहीं कह सकती।

सभापति एम वेंकैया नायडू ने रक्षा मंत्री से कहा कि सरकार ने अपना काम किया है लेकिन यदि कुछ और मदद की जा सकती है तो उस पर विचार करे। इससे पहले ठाकुर ने यह मामला उठाते हुए कहा था कि लांस नायक सत्यवीर सिंह दिल्ली के मुखमेल पुर गांव में जूस की दुकान चलाकर गुजारा कर रहा है। उनके पैर में जो गोली लगी थी वह अभी भी फंसी हुई है और वह बैसाखी के सहारे चलते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को कारगिल में लड़ने वाले जवानों की मदद के लिए किए गए अपने वादों को पूरा करना चाहिए और इस जवान के परिवार की गुजर बसर के लिए मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कारगिल की लड़ाई लडने वाले जवानों के परिवारों को पेट्रोल पंप दिये गये थे लेकिन सत्यवीर को यह सहायता नहीं दी गई।

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