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किसानों के दम पर ही प्रदेश तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा हैः बृजमोहन

रायपुर। आप किसानों के दम पर ही छत्तीसगढ़ राज्य आज तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा है। अनाज उत्पादन में चार बार कृषि कर्मण का पुरस्कार भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को प्रदान किया है। अनाज उत्पादन में तेजी से वृद्धि का भी सम्मान हमें मिला है। मछली पालन में हमारा छत्तीसगढ़ राज्य पांचवे नंबर पर है। परंतु फिर भी हमें लगता है कि छत्तीसगढ़ के किसानों को तरक्की की राह पर और आगे लेकर जाना है। इसके लिए हम सतत प्रयत्नशील है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कृषि गोष्ठी के अवसर पर कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने यह बातें कही।
                                                   किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केवल एक फसल लेकर खेती करते हुए जीवन में समृद्धि आने की कामना करेंगे तो निश्चित रुप से आप निराश ही होंगे। परंतु कृषि के साथ-साथ पशु पालन, मछली पालन, उद्यानिकी(फल-फूल) फसलों की खेती को अपनाएंगे तो सफलता आपके कदमों में होगी तथा समृद्धि आपके दरवाजे पर दस्तक देगी। बृजमोहन अग्रवाल ने यह बात किसानों की आमदनी दोगुनी करने की दिशा में हो रहे पहल के तहत आयोजित गोष्ठी ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया थ्रू एग्रीकल्चर के दौरान कही। यह आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित थी।
                                                उन्होंने कहा कि ज्यादातर किसान धान की फसल लेते है। छमाही किसानी कर वे निश्चिंत हो जाते हैं। परंतु सिर्फ इतने से ही उनका भला नहीं हो सकता है,यह समझने की आवश्यकता है। आज समझदार किसान छमाही किसानी की जगह पूरे 12 माह तक खुद को व्यस्त रखते हुए कृषि कार्य के साथ-साथ शासन की योजनाओं का लाभ लेते हुए उद्यानिकी फसल,गौपालन करते हुए अपनी आय बढ़ा रहे है। वह नेट शेड हाउस,पाली हाउस में खेती कर रहा है। आज हम देखते है कि छत्तीसगढ़ में स्ट्रॉबेरी ड्रैगन फ्रूट,एप्पल बेर, टेनिस चीकू, एक किलों का जाम आदि की खेती भी हो रही है। ऐसी खेती की ओर भी किसान बढ़े और अपनाएं। सरकार उन्हें प्रशिक्षित करने और अनुदान में उपकरण उपलब्ध करा रही है। धानुका एग्रीटेक लिमिटेड द्वारा आयोजित इस गोष्ठी में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर एस.के.पाटिल, अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के कार्यकारी अध्यक्ष सत्य भूषण जैन, कृषि विभाग के संचालक एमएस केरकेट्टा, धानुका ग्रुप के श्री अग्रवाल,संजय ईखार, पवन सराओगी आदि मंचासीन थे।
पानी की कमी चिंता का विषय, ड्रिप इरीगेशन की ओर बढ़े
जल संकट पर प्रकाश डालते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि हम जिस धान की फसल लेते हैं उसमें सबसे ज्यादा पानी लगता है। इसलिए भी यह जरूरी है कि हम अन्य फसलों की ओर भी रुख करें । साथ ही उन्होंने कहा कि अब खेतों में ड्रिप इरीगेशन से सिंचाई योजना शासन ने बनाई हैं । हजारों किसान इससे लाभांवित हो रहे हैं। खेतों में पाइप भी बिछाने की योजना पर हम काम कर रहे हैं। जिसमे किसानों को जितनी जरूरत है वाल्व खोलकर पानी लेंगे और अपना काम पूरा होने के बाद वाल्व बन्द कर देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी पर ड्राप मोर क्रॉप नारा देकर किसानों को जागृत कर रहे है।
फसल बीमा का किसानों को मिला फायदा
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि फसल बीमा किसानों को आवश्यक रुप से कराना चाहिए। बीमा के होने से प्रकृति के प्रकोप से रक्षा हो जाती है। इस वर्ष लाखों किसानों ने इस बीमा योजना का लाभ लिया है। एक दौर था जब ब्लॉक व तहसील स्तर पर बीमा होता था। अब ग्राम पंचायत को केंद्र मानकर बीमा किया जाता है। जिसका लाभ निश्चित रूप से किसानों को हो रहा है। इस वर्ष लगभग 1300 करोड़ रुपये किसानों को मुआवजा प्रदान किया गया है।
हमने किसानों से जो कहा वो किया
बृजमोहन ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों से जो भी कहा वह पूरा किया। हमने ?300 प्रति क्विंटल बोनस प्रदान किया। आज केंद्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने के बाद राज्य के किसानों को 2070 रुपए प्रति क्विंटल धान की कीमत मिल रही है। यह लगभग 21 सौ के करीब है यानी हम कह सकते हैं कि जो वादा हमने किसानों से किया था वह लगभग पूरा हो गया है।
कृषि इंजीनियरिंग के छात्र करेंगे खेती
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कृषि छात्रों के लिए हमने चलो खेत की ओर कार्यक्रम रखा है। इसमें कृषि छात्र गाँव के खेतों में जाकर कृषि कार्य करते हुए किसानों को प्रशिक्षित भी करेंगे।
कृषि शिक्षा में श्रेष्ठता की ओर अग्रसर
श्री अग्रवाल ने कहा कि कृषि शिक्षा में भी छत्तीसगढ़ अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। इसी साल सात नए कृषि कॉलेज यहां खुले हैं। कृषि की तरफ युवाओं का रुझान उज्ज्वल भविष्य का संकेत दे रहा है।हम भी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से बेहतर शिक्षा प्रदान करने हम संकल्पित है। साथ ही उन्होंने बताया कि 1500 करोड़ बजट की चिराग योजना प्रारंभ होने जा रही है जिसके माध्यम से 50000 नौजवानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा और उन्हें खेती व अन्य सम्बद्ध अन्य व्यवसाय के लिए सक्षम बनाने सहयोग मिलेगा।

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