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जर्जर सड़कों से लोग परेशान, आधारभूत संरचना के नाम किया जा रहा है बंदरबाट: कांग्रेस

                                                     फाइल फोटो

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, कांकेर, जगदलपुर, अम्बिकापुर, बालोद, कोरिया जिले में जर्जर सड़कों को लेकर जनता का आक्रोश फूट पड़ा है। लोग हादसे के शिकार हो रहे हैं, आए दिन दुघर्टना घटित हो रही है, लोगों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है, प्रदर्शन को दबाया जा रहा है आखिर कब तक यह सिलसिला चलता रहेगा। प्रदेशभर में सड़कों की हालत खराब है, हजारों करोड़ की लागत से राज्य में सड़क उन्नयन, पुल-पुलिया निर्माण का कार्य किया गया है लेकिन मार्गों की दुर्दशा अलग ही कहानी उजागर कर रही है।

              राज्य में केवल गत वर्ष एडीबी योजना के अंतर्गत बनी सड़कों एवं जीईरोड को छोड़ दिया जाये तो लगभग सभी मार्गों में निर्बाध आवागमन संभव नहीं है। जहां एक घंटे में आवाजाही होती थी वहां दो से तीन घंटों का वक्त लग रहा है। रायपुर राजधानी को जोडऩे अधिकांश मार्गों की हालत खस्ता है। गांवों से तहसील और जिलों को जोडऩे वाली लगभग सभी सड़कें गड्ढ़ों में तब्दील हो गयी है। रखरखाव किया नहीं जा रहा है केवल थूक-पालिश की गयी थी जो अब दुघर्टना का कारण बन रही है। रखरखाव और मरम्मत का कार्य कागजों में दर्शाया जा रहा है और राशि डकार ली जा रही है। निर्माणधीन पुल-पुलियों के पुहंच मार्ग को कच्चा निर्माण किया गया है जबकि डामरीकरण से डायवर्सन बनाने का दर टेंडर में समाहित रहता है। केवल लोकनिर्माण विभाग ही नहीं, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क का निर्माण हो अथवा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क का निर्माण हो, हर ओर अनियमितताओं का बोलबाला है। शिकायतें की जाती हैं किन्तु इस सरकार में कोई सुनने एवं निराकरण करने वाला नहीं है। निरंकुश शासन में अधिकारी भी निरंकुश हो गये हैं।

                       सड़कों में भारी वाहनों का दबाव है, पर दोनों ही विभाग एक मंत्री के पास है। जहां केवल भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी हो रही है। ओव्हर लोडेड गाडिय़ों पर कार्रवाई का धौस जमाकर कमीशनखोरी में केवल बढ़ोत्तरी की जाती है। यही वजह है कि सड़कों की हालत खराब है और कहीं सुधार कार्य नहीं हो रहा है। पंन्द्रह वर्षों के कुशासन में रायपुर से बिलासपुर 120 किलोमीटर की रोड को यह सरकार पूर्ण नहीं कर पाई है। तंग आकर माननीय उच्च न्यायालय एवं प्रधानमंत्री कार्यालय अब इस मार्ग के निर्माण कार्य की मॉनिटिरिंग कर रहा है। रायपुर से बिलासपुर मार्ग की दशा इतनी खराब है तो अन्य मार्गों की कैसी दशा होगी उसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। 

              प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जर्जर एवं खस्ताहाल सड़कों पर वाहन चलाना नामुमकीन होता जा रहा है।  सरकार द्वारा आधारभूत संरचना के नाम पर बंदबाट किया जा रहा है। प्रदेश में हजारों करोड़ की लागत से सड़कों, पुल-पुलियों का निर्माण कार्य चल रहा है किन्तु मार्गों के गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य के कारण एक-दो वर्षों में ही शहर हो अथवा गावों की सड़कें बर्बाद हो जाती हैं, कई मार्ग ऐसे हैं जहां एक बरसात में ही धूल उडऩे लगी है। सरकार केवल वाहवाही लूटने के लिए निर्माण कार्यों का ढिंढोरा पीट रही है। वनवासी क्षेत्रों में कार्यों के मूल्याकंन एवं क्वालिटी में कोई नियंत्रण एवं सुधार नहीं है, लेकिन सरकार के रवैये ने जनता को जागरूक कर दिया है। अब जनता आगामी चुनाव में सरकार को अवश्य आईना दिखायेगी।

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