“राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी से बढ़ेगा छत्तीसगढ़ का मान: राज्य मुख्य आयुक्त”

बालोद। जिले में राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी के आयोजन को लेकर चल रही तमाम अटकलों और अफवाहों पर अब विराम लग गया है। भारत स्काउट एवं गाइड छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि रोवर-रेंजर जम्बूरी का आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार 9 से 13 जनवरी तक बालोद जिले के दुधली में किया जाएगा।

इंद्रजीत सिंह ने बताया कि यह आयोजन बेहद खास है, क्योंकि भारत स्काउट एवं गाइड, नई दिल्ली के तत्वावधान में यह देश का पहला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी है। इस ऐतिहासिक आयोजन में देश और विदेश से लगभग 14 हजार रोवर-रेंजर भाग लेंगे, जबकि अकेले छत्तीसगढ़ से 4,292 बच्चे इसमें सहभागिता करेंगे।

विवादों पर लगा विराम

गौरतलब है कि बालोद जिले में आयोजित होने वाली पांच दिवसीय इस जम्बूरी को लेकर बीते दिनों लगातार सवाल उठ रहे थे। आयोजन को लेकर यह चर्चा तेज थी कि जम्बूरी होगी या नहीं। इन तमाम आशंकाओं के बीच राज्य मुख्य आयुक्त ने साफ तौर पर कहा कि कार्यक्रम अपने निर्धारित समय पर और पूरी तैयारी के साथ आयोजित किया जाएगा।

तैयारियां अंतिम चरण में

राज्य मुख्य आयुक्त ने बताया कि आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी तरह नियमों के अनुसार की गई है। उन्होंने कहा कि आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन, भारत स्काउट एवं गाइड संगठन और स्वयंसेवकों की टीम समन्वय के साथ काम कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय सहभागिता से बढ़ेगा छत्तीसगढ़ का मान

इंद्रजीत सिंह ने कहा कि इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन से न सिर्फ बालोद बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान मिलेगी। हजारों की संख्या में आने वाले रोवर-रेंजरों के जरिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा और युवा शक्ति को नेतृत्व, अनुशासन और सेवा भाव का संदेश मिलेगा।

युवाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर

प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी को युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया जा रहा है। इस आयोजन के माध्यम से स्काउट-गाइड आंदोलन की मूल भावना सेवा, अनुशासन और देशप्रेम को और मजबूत किया जाएगा। बालोद जिले के दुधली में होने वाला यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।

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