छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सिविल जज और उच्च न्यायिक सेवा के सदस्यों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के आदेश किए जारी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सिविल जज (जूनियर डिविजन) और उच्च न्यायिक सेवा के सदस्यों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत विभिन्न जिलों में पदस्थ न्यायाधीशों को नए जिले में स्थानांतरित किया गया है और उन्हें उनके नए पदों पर तैनाती की तारीख से कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया है।

सिविल जज (जूनियर डिविजन) के ट्रांसफर

सिविल जज (जूनियर डिविजन) के ट्रांसफर आदेश में कुल 10 सिविल जज शामिल हैं। खुशबू जैन, जो पहले महासमुंद में तैनात थीं, उन्हें गरियाबंद स्थानांतरित किया गया है। इसी तरह, प्रणव वैद्य, वर्तमान में धमतरी में तैनात, को बिलासपुर में पोस्ट किया गया है। इसके अलावा, कई अन्य न्यायाधीशों को उनके नए जिले और न्यायालय में तैनात किया गया है।

इन ट्रांसफरों का उद्देश्य न्यायिक कार्यों में प्रभावी वितरण सुनिश्चित करना और प्रत्येक जिले में न्यायिक कार्यवाही का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना बताया गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तैनाती की तारीख से अपने नए कार्यालयों में जिम्मेदारी संभालें।

उच्च न्यायिक सेवा के सदस्य तैनाती और स्थानांतरण के भी आदेश

हाई कोर्ट ने उच्च न्यायिक सेवा के सदस्यों की तैनाती और स्थानांतरण के आदेश भी जारी किए हैं। दुर्ग जिले में तैनात रश्मि नेतम को धमतरी में पोस्ट किया गया है। इसी तरह मनेन्द्रगढ़ में तैनात श्रुति दुबे को बिलासपुर स्थानांतरित किया गया है।

इसके साथ ही कुछ न्यायाधीशों को एडिशनल सेशंस जज के रूप में तैनात किया गया है, ताकि सेशंस डिविजन के न्यायिक कार्य सुचारू रूप से चल सकें।

हाई कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया है कि संबंधित न्यायाधीश तैनाती की तारीख से अपने नए पद का कार्यभार संभालेंगे। सभी संबंधित अधिकारियों और निजी सचिवों को आदेश की सूचना भेजी गई है, ताकि उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक प्रशासनिक जानकारी मिल सके।

हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, राजनीश श्रीवास्तव, द्वारा जारी आदेशों में यह भी उल्लेख है कि यह कदम न्यायिक कार्यों के प्रभावी संचालन और अधिकारियों के कर्तव्यों में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इन आदेशों के अनुसार, बिलासपुर, रायपुर, कोरबा, सरगांव, धमतरी और अन्य जिलों में न्यायिक कार्यों का भार संतुलित किया जाएगा, जिससे न्यायपालिका की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और नागरिकों को न्याय मिलने में तेजी आएगी।

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