रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी एक बार फिर CAF अभ्यर्थियों के आक्रोश की गवाह बनी। लंबित नियुक्तियों को लेकर सैकड़ों CAF अभ्यर्थियों ने आज उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि बीते एक महीने के भीतर यह तीसरी बार है जब नाराज़ अभ्यर्थी डिप्टी सीएम के बंगले तक पहुंचे हैं, जिससे सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों की एक ही मांग है— सात साल से अटकी CAF की वेटिंग लिस्ट को तत्काल क्लियर कर ज्वाइनिंग दी जाए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार उन्हें सिर्फ आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस और निर्णायक कदम नहीं उठाया गया है।
गौरतलब है कि 3 जनवरी को छेरछेरा पर्व के दौरान CAF अभ्यर्थियों ने स्वयं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की थी। उस दौरान डिप्टी सीएम ने मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान निकालने का भरोसा दिलाया था। लेकिन समय बीतने के बावजूद कोई फैसला सामने नहीं आने से युवाओं में गहरी निराशा और आक्रोश है।
प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि वर्षों से चला आ रहा इंतजार उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ चुका है। कई अभ्यर्थियों ने साफ शब्दों में कहा कि अब वे आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि CAF अभ्यर्थियों का यह इंतजार कब खत्म होगा और सरकार उनके भविष्य पर आखिर कब निर्णायक फैसला लेगी?

