देश के कई शहरों में इस समय वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम सेहत के लिहाज से बेहद मुश्किल भरा साबित हो सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस समय सांस से जुड़ी बीमारियां, खांसी, दमा और एलर्जी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में परिवार के कमजोर सदस्यों की सुरक्षा के लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं।
घर में रखें एयर प्यूरिफायर या पौधे
अगर आप दिल्ली, पटना, लखनऊ या किसी प्रदूषित शहर में रहते हैं, तो घर के अंदर की हवा को साफ रखना जरूरी है। एयर प्यूरिफायर लगाएं या फिर इनडोर प्लांट जैसे मनीप्लांट, स्नेक प्लांट और पीस लिली रखें।
सुबह-सुबह बाहर निकलने से बचें
सुबह के वक्त प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा होता है। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह की सैर से बचाना चाहिए। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो N95 मास्क का उपयोग करें।
भरपूर पानी और पौष्टिक आहार लें
शरीर से टॉक्सिन निकालने के लिए पानी का सेवन बढ़ाएं। साथ ही, एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर फल जैसे सेब, अमरूद, संतरा और सब्जियां खाएं। यह फेफड़ों को मजबूत बनाते हैं।
घर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें
प्रदूषण अधिक होने पर खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें ताकि धूल और धुआं घर के अंदर न जा सके। शाम के समय जब प्रदूषण थोड़ा कम हो, तब वेंटिलेशन के लिए कुछ देर खोलें।
डॉक्टर से नियमित जांच कराएं
अगर किसी बच्चे या बुजुर्ग को पहले से अस्थमा, COPD या एलर्जी की शिकायत है, तो डॉक्टर की सलाह से इनहेलर या दवाएं समय पर लें। किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण से पूरी तरह बचना भले ही मुश्किल हो, लेकिन सावधानी बरतकर उसके असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

