बिलासपुर रेल हादसा : नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का बड़ा बयान, कहा- मुआवजा न देना पड़े इसलिए मौत के आंकड़े छुपा रही सरकार…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार को हुए भीषण रेल हादसे के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत आज सिम्स और रेलवे अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायल यात्रियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी ली और रेल हादसे को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। इसके अलावा उन्होंने मौत के आंकड़े छुपाने के भी आरोप लगाया है।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि रेल मंत्री को काम करने नहीं दिया जाता, उनके हाथ बंधे हैं। हादसे के लिए जिम्मेदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौत के आंकड़े छुपाए जा रहे हैं, मेरी जानकारी में मौत के आंकड़े 20 हैं। जहां जिसका प्रशासन है, वहां मौत के आंकड़े छुपाने की कोशिश की जाती है, ताकि उन्हें मुआवजा तक न देना पड़े।

उन्होंने कहा कि रेलवे, कोयला और अन्य खनिज गाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसकी वजह से रेल हादसे हो रहे हैं। मृतक परिवार को मुआवजे के साथ एक-एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए। हादसे के लिए जिम्मेदार पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

11 यात्रियों की मौत, 5 की हुई पहचान

बता दें कि लाल खदान स्टेशन के पास गाड़ी संख्या 68733 गेवरारोड-बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर में अब तक 11 यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे में मृतकों की पहचान का सिलसिला जारी है और अब तक पांच यात्रियों के नाम और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें लोको पायलट, छात्रा और अन्य यात्री शामिल हैं।

हादसे में जिन यात्रियों की पहचान हुई है, उनमें लोको पायलट विद्या सागर, प्रमिला वस्त्रकार, अंकित अग्रवाल, प्रिया चंद्रा और शीला यादव शामिल हैं। मृतका शीला यादव देवरी खुर्द के बहनिया मंदिर के पास रहने वाली थीं, जबकि प्रिया चंद्रा गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) की बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा थीं। वह सक्ती जिले के बहेराडीह की निवासी थीं। इनकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों में मातम छा गया है।

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