रायपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस द्वारा SIR की समय सीमा तीन महीने बढ़ाने की मांग के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर मतदाता सूची में गड़बड़ी कराने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कहा है कि कांग्रेस ने प्रदेश के कई विधानसभा क्षेत्रों में गलत और अवैध तरीके से मतदाताओं के नाम जुड़वाए हैं।
सोमवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. मिश्रा ने दावा किया कि कांग्रेस के संरक्षण में बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए हैं। इनमें कई मतदाताओं के दो-दो और तीन-तीन विधानसभा क्षेत्रों में नाम दर्ज होने तथा एक ही विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न बूथों में नाम जोड़ने के मामले भी सामने आए हैं।
“मतदाता सूचियों का गहन परीक्षण और शुद्धिकरण हो” – भाजपा
डॉ. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस यदि SIR की अवधि बढ़ाने की मांग कर रही है, तो भाजपा का स्पष्ट मत है कि मतदाता सूची का पूर्ण शुद्धिकरण और गहन परीक्षण होना चाहिए, ताकि फर्जी और डुप्लीकेट नामों को हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि SIR चुनाव आयोग द्वारा की जाने वाली नियमित जांच प्रक्रिया है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों को मतदाता सूची उपलब्ध कराई जाती है। उस समय कांग्रेस के प्रतिनिधि किसी तरह की आपत्ति नहीं जताते, लेकिन बाद में वोट चोरी और फर्जी मतदान का आरोप लगाकर भ्रम फैलाते हैं।
“कांग्रेस चुनाव आयोग और अपने ही प्रतिनिधियों पर अविश्वास कर रही है”
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जताने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा—
“कांग्रेस के लोग संविधान की किताबें तो खूब लहराते हैं, पर पढ़ते नहीं। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। वोट चोरी का आरोप भाजपा पर लगाया जाता है, लेकिन जांच प्रक्रिया में कांग्रेस खुद शामिल रहती है।”
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के कार्य में बीएलओ एवं बीएलए दोनों की भूमिका होती है। किसी भी त्रुटि की स्थिति में बीएलए आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। ऐसे में यदि फर्जी नाम जुड़े हैं तो कांग्रेस अपने ही बीएलए पर सवाल उठा रही है।
“वोट चोरी की जुमलेबाजी कर कांग्रेस जनता को भ्रमित कर रही”
डॉ. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस लगातार “वोट चोरी” का मुद्दा उछालकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मतदाता सूची में हेरफेर कर चुनावी लाभ लेने की रणनीति बना रही है।भाजपा ने स्पष्ट किया कि वह मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने के पक्ष में है और यदि आवश्यकता हुई तो विस्तृत जांच और शुद्धिकरण के लिए भी तैयार है।

