रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। प्रदेश के उत्तर और मध्य हिस्सों में सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक शीतलहर की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। हालांकि राज्य के अन्य जिलों में तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन उसके बाद हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
ठंडी हवा और साफ आसमान ने रात और सुबह के तापमान को तेजी से नीचे गिरा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार 14 से 20 नवंबर 2025 के बीच सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों में मलेरिया के संक्रमण का खतरा अधिक रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में तेजी से हो रहे उतार-चढ़ाव और नमी में बदलाव से इस संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है।
प्रदेश में कई स्थानों पर कड़ाके की ठंड का असर साफ दिखने लगा है। बलौदाबाजार, पेंड्रा और अंबिकापुर जैसी जगहों पर सुबह-शाम लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। हालांकि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की कमी के कारण स्थानीय लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूलों, बस स्टैंड और बाजार क्षेत्रों में लोग ठंड से बचने के लिए खुद व्यवस्थाएं बनाने को मजबूर दिखाई दे रहे हैं।
मैदानी क्षेत्रों में दुर्ग इस समय सबसे ठंडे शहरों में शामिल है। यहां रात का तापमान 10°C दर्ज किया गया जो सामान्य से लगभग 7 डिग्री कम है। राजधानी रायपुर में नवंबर महीने में नौ साल बाद दूसरी बार तापमान 13°C तक पहुंचा है। अचानक आई ठंड ने लोगों को दिसंबर जैसी सर्दी का एहसास कराना शुरू कर दिया है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.6°C दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.4°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। पहाड़ी और वनक्षेत्रों में तापमान में गिरावट और भी तेज महसूस की जा रही है। नवंबर का महीना सामान्यतः छत्तीसगढ़ में शांत और स्थिर मौसम के लिए जाना जाता है।
इस दौरान आसमान प्रायः साफ रहता है और दिन हल्के ठंडे होते हैं। हवा भी सामान्यतः धीमी चलती है। यदि इस महीने बारिश होती है तो वह मुख्यतः बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में बने चक्रवात या निम्न दबाव वाले क्षेत्रों के कारण होती है। आमतौर पर नवंबर में तूफान और ओलावृष्टि की घटनाएं बहुत कम होती हैं। कुल मिलाकर, प्रदेश में इस बार नवंबर की शुरुआत से ही ठंड ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने, गर्म कपड़े इस्तेमाल करने और स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।

