जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पुलिस लाइन में पदस्थ एक युवा आरक्षक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में जंगल से बरामद हुआ है। इस सनसनीखेज जानकारी की पुष्टि खुद बस्तर एएसपी महेश्वर नाग ने की है।
लापता आरक्षक का शव मिलने से हड़कंप
पुलिस लाइन में तैनात आरक्षक डमरू नायक, निवासी ग्राम बजावंड, 3 दिसंबर की शाम से लापता थे। परिजनों द्वारा कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराए जाने के बाद उनकी तलाश जारी थी। गुरुवार सुबह कोतवाली पुलिस को पतासाजी के दौरान ग्राम आसना के जंगल में पेड़ से लटका हुआ उनका शव मिला। घटना के सामने आते ही पूरे पुलिस विभाग में सनसनी फैल गई।
आत्महत्या का संदेह
एएसपी महेश्वर नाग ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उनके अनुसार, “पहली नजर में लग रहा है कि आरक्षक ने व्यक्तिगत परेशानियों के चलते यह कदम उठाया है।”
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि डमरू नायक किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे और क्या कारण उन्हें यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकते हैं।
जांच में सामने आएंगे सच
फिलहाल पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। क्या यह मामला केवल व्यक्तिगत तनाव से जुड़ा है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है—यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

