रायपुर। भिलाई में आयोजित हनुमंत कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ा पलटवार किया है। धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भूपेश बघेल को विदेश चले जाने की टिप्पणी पर बघेल ने कहा कि शास्त्री छत्तीसगढ़ में सिर्फ पैसा बटोरने आते हैं। उन्होंने कहा, “जब उनका जन्म भी नहीं हुआ था, तब से मैं हनुमान चालीसा पढ़ रहा हूं। मेरा बेटा भी उनसे 10 साल बड़ा है। धीरेंद्र शास्त्री कल के बच्चे हैं और हमें सनातन धर्म सिखाने चले हैं।”
भूपेश बघेल ने आगे कहा कि वे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को खुली चुनौती देते हैं कि वे छत्तीसगढ़ के किसी भी साधु-संत से शास्त्रार्थ कर लें। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि लोग दिव्य दरबार से ही ठीक हो रहे हैं, तो फिर मेडिकल कॉलेज खोलने की जरूरत क्यों पड़ रही है। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कबीर साहेब और गुरु घासीदास की वाणी गूंजती है और यह प्रदेश शांति का टापू रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और उन्हें दूसरे प्रदेशों में जाकर भी यही बातें कहने की हिम्मत दिखानी चाहिए।
CWC बैठक में बनेगा 4–5 महीने का रोडमैप : दीपक बैज
कांग्रेस की शीर्ष इकाई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक सोमवार को दिल्ली में होगी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक को लेकर दीपक बैज ने बताया कि इसमें संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा होगी और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट से मुलाकात कर आगामी रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले 4 से 5 महीनों के लिए पार्टी का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
राजधानी रायपुर में मुस्लिम समाज के प्रदर्शन को लेकर दीपक बैज ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति हज यात्रा पर जा रहा हो और उसे जबरन घर से उठाया जाता है, तो यह पूरी तरह गलत है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की।
मॉल में तोड़फोड़ पर सरकार को घेरा
रायपुर के मैग्नेटो मॉल में बजरंग दल द्वारा की गई तोड़फोड़ को लेकर दीपक बैज ने प्रदेश सरकार पर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विफल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। किसी धर्म विशेष की आस्था को निशाना बनाकर खुलेआम तोड़फोड़ की जाती है, लेकिन अब तक अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। बैज ने आरोप लगाया कि सरकार दोहरी नीति अपना रही है और निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

