SIR में गड़बड़ी का आरोप: रायपुर तहसील कार्यालय में कांग्रेस का हंगामा, कार्यकर्ता हिरासत में, दीपक बैज सेंट्रल जेल में धरने पर

रायपुर। राजधानी रायपुर के तहसील कार्यालय में SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देर रात जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बीजेपी के इशारे पर मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं ने नारेबाजी की और तहसीलदार से फॉर्म दिखाने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस सेंट्रल जेल पहुंची, जिसके बाद मामला और गरमा गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज पदाधिकारियों के साथ जेल परिसर पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। बाद में सभी कांग्रेसियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर निशर्त रिहा कर दिया गया।

दावा-आपत्ति फॉर्म नियमों के विपरीत स्वीकार किए गए – कांग्रेस

कांग्रेस का आरोप है कि रायपुर तहसील कार्यालय में जमा 400 दावा-आपत्ति फॉर्म नियमों के विपरीत स्वीकार किए गए हैं, जबकि नियम 30-50 तक ही फॉर्म स्वीकार करने का प्रावधान है। लेकिन बीजेपी के इशारे पर अधिक फॉर्म स्वीकार किए गए और कुछ नाम काटे जा रहे हैं। इसको लेकर कांग्रेस ने तहसील ऑफिस में जमा हुए 400 फॉर्म दिखाए जाने की मांग की। जिसपर तहसीलदार ने कहा कि जिस बाबू ने फॉर्म स्वीकार किए हैं, वह फोन नहीं उठा रहे हैं।

पुलिस और कांग्रेसियों के बीच झूमाझटकी

इसके बाद कांग्रेसियों ने तहसील ऑफिस में प्रदर्शन शुरू किया और केबिन में बैठकर भी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और कांग्रेसियों को सेंट्रल जेल लेकर पहुंची। इस बीच पुलिस प्रशासन और कांग्रेसियों के बीच जमकर झूमाझटकी भी हुई। मामले की सूचना मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी सेंट्रल जेल परिसर पहुंचे। इसके बाद SIR में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाकर धरने पर बैठकर जमकर नारेबाजी करने लगे। मामला बढ़ता देख मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और सभी कांग्रेसियों को तुरंत रिहा कर दिया गया।

कार्यकर्ताओं को शांति भंग करने के झूठे आरोप में डाला गया जेल – PCC चीफ

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि हम लोग जेल परिसर में हैं। हमारे कांग्रेस के साथी SIR की गड़बड़ी को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच पुलिस अधिकारियों ने हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को शांति भंग करने के झूठे आरोप में जेल में डाल दिया। भाजपा के कार्यकर्ता तहसील ऑफिस में बाबुओं के माध्यम से बल्क में फॉर्म जमा कर रहे हैं। बीजेपी के इशारे पर एसआईआर के नाम पर पूरे देश में नाम काटने का खेल किया जा रहा है। इसे लेकर हम लगातार सतर्कता बरत रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे नेता नाम काटने का विरोध कर रहे थे। हमारे कांग्रेस के विशेष रूप से समर्थन करने वाले मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, लेकिन जब फॉर्म दिखाने की मांग की गई तो अफसर फॉर्म दिखाने को तैयार नहीं हैं। इस देश में कैसा लोकतंत्र है? क्या विपक्ष सवाल नहीं उठा सकता? क्या चुनाव आयोग अपने मन से काम करता रहेगा? चुनाव आयोग और सरकार दोनों मिलकर विशेष राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के नाम काटने की साजिश कर रहे हैं।

सरकार और चुनाव आयोग क्या चाहती है – दीपक बैज

दीपक बैज ने कहा कि SIR को पारदर्शिता के साथ किया जाए, यही हमारी बस मांग है। आखिर सरकार और चुनाव आयोग क्या चाहती है? उन्होंने बताया कि हमें जेल लाया गया, मजिस्ट्रेट के सामने हमारे पक्ष को रखा गया है। अभी हमें निशर्त रिहा करने की घोषणा की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *