अमित जोगी ने साय सरकार में PM आवास निर्माण में भ्रष्टाचार के लगाये गंभीर आरोप, प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर की सीबीआई जांच की मांग

रायपुर। गुमनामी में चल रहे जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के प्रमुख अमित जोगी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। जोगी ने सूबे की साय सरकार में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। छत्तीसगढ़ स्थापना के रजत जयंती महोत्सव में प्रधानमंत्री मोदी के आने से ठीक पहले अमित जोगी के इस पत्र के वायरल होने से राजनीति गरमा गयी है।

गौरतलब है कि आगामी 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 साल पूरे हो रहे है। राज्य सरकार इसे रजत जयंती महोत्सव के रूप में मना रही है। इस विशेष अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर पहुंचेगे। जिसे लेकर सरकार व्यापक स्तर पर तैयारी में जुटी हुई है। वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास से ठीक पहले जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखकर राजनीति गरमा दी है।

अमित जोगी ने केंद्र सरकार से साल 2023-24 में केंद्र सरकार से मिले प्रधानमंत्री आवास के आबंटन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई से जांच की मांग कर दी है। जोगी ने कहा कि….केंद्र सरकार की तरफ से छत्तीसगढ़ को ग्रामीण आवासों का सबसे बड़ा आवंटन दिए जाने के बावजूद नकली खातों, रिश्वतखोरी और अवैध निर्माण के चलते योजना का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है। जोगी ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि….यह विरोध के लिए विरोध नहीं, बल्कि गरीब और वंचित लोगों की आवाज़ को देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचाने का प्रयास है।

इन बिंदुओं पर लगाये भ्रष्टाचार के आरोप

अमित जोगी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि आवास मित्र और अधिकारी पुराने या दूसरों के घरों को नया पीएमएवाई घर दिखाने के लिए रिश्वत ले रहे हैं। कई स्थानों पर पुराने घरों की दूसरी मंजिल बनवाकर उसे नया आवास दिखाया जा रहा है। जो कि अवैध निर्माण हैं। गरीबों की जगह गैर-पात्र लोगों को फंड जारी किया जा रहा है। श्रम भुगतान के लिए बनाए गए फर्जी बैंक खातों में राशि ट्रांसफर कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

पार्टी के प्रवक्ता भगवानू नायक ने आरोप लगाया है कि इस घोटाले का काफी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, जिसे राज्य सरकार की एजेंसी से जांच कराकर सच्चाई सामने नही लाया जा सकता। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में भ्रष्टाचार का उजागर तभी संभव है, जब इसकी जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से करायी जाये। इसलिए निष्पक्ष और पारदर्शी सीबीआई जांच ही एकमात्र समाधान है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *