जेल में कांग्रेस नेता की संदिग्ध मौत पर बंद रहा बस्तर संभाग, शहरों में नहीं खुली दुकानें, सड़कों पर सन्नाटा

जगदलपुर। रायपुर सेंट्रल जेल में कांकेर जिले के कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर की संदिग्ध मौत को लेकर बस्तर में बवाल मचा हुआ है। दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने आज बस्तर बंद का ऐलान किया था, जिसका असर सुबह से ही पूरे संभाग में देखने को मिला। शहरों में सभी दुकानें बंद रही। जगदलपुर, सुकमा, कांकेर, भानुप्रतापपुर में सर्व आदिवासी समाज के आह्वान का बड़ा असर दिखा। नगर की सभी दुकानें बंद है। जगदलपुर में सर्व आदिवासी समाज ने नगर बंद कराने के लिए बाइक रैली निकाली।

बस्तर बंद का कांग्रेस ने समर्थन किया है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, कांकेर में जीवन ठाकुर की प्रताड़ना से बेवजह मौत हुई। समय पर उनका इलाज नहीं हुआ। जानबूझ कर जेल प्रशासन और प्रशासन ने उनकी हत्या की। राजनीतिक हत्या की गई है। आदिवासी समाज ने बस्तर के सातों जिलों में बंद का आव्हान किया था। हमने बस्तर बंद का समर्थन किया। बैज ने कहा, पीड़ित परिवार से मैंने मुलाकात की। फर्जी FIR कर ठाकुर को जेल भेजा गया था। इसके चलते परिवार और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है। दोषी तहसीलदार और पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

जानिए क्या है मामला

बता दें कि जमीन विवाद के मामले में 12 अक्टूबर 2025 को कांग्रेस नेता और चारामा के पूर्व जनपद अध्यक्ष जीवन ठाकुर को गिरफ्तार कर कांकेर जेल में रखा गया था। उन्हें 2 दिसंबर को बिना सूचना के रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था। जेल प्रशासन के अनुसार, इसी बीच उनकी तबीयत खराब होने से तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 4 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। वहीं अब मामले में परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें कोई बीमारी नहीं थी। सही समय पर इलाज होता तो उनकी जान बच जाती।

मामले की होगी न्यायिक जांच

परिजनों का कहना है कि बिना सूचना के कांकेर से रायपुर जेल भेजा गया, जिसके कारण उनकी मौत हुई है। वहीं जेल प्रशासन का कहना है कि तबीयत बिगड़ने से कैदी की मौत हुई है। बता दें कि कांग्रेस नेता और चारामा के पूर्व जनपद अध्यक्ष जीवन ठाकुर वन अधिकार पट्टा घोटाले में जेल में थे। वहीं अब इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रायपुर ने जांच का आदेश जारी किया था।

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