रायगढ़। जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र के तेरम गांव में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। घर में पीले गए तोते के उड़ने के बाद अवशेषों के बीच इतना बड़ा विवाद हुआ कि मामला दोस्ती तक पहुंच गया। बड़े भाई और उसके दो बच्चों ने मिलकर छोटे भाई की जोरदार पिटाई कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस की जांच जारी है और किशोर किशोर का इलाज जारी है।
घर में पाले गए एक तोते के उड़ जाने की घटना ने एक सामान्य पारिवारिक विवाद को हिंसक रूप दे दिया। मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र के टेरम गांव का है, जहां तोते की तलाश को लेकर दो भाइयों में झगड़ा इतना बढ़ गया कि बड़े भाई ने अपने दो बेटों के साथ मिलकर छोटे भाई की बेरहमी से पिटाई कर दी।
तोता उड़ने से शुरू हुआ विवाद
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, परिवार के सदस्य कई सालों से एक पालतू तोता रखे हुए थे। रविवार की सुबह तोता अचानक पिंजरे से उड़ गया। तोते की तलाश को लेकर घर में चर्चा चल रही थी कि किसकी गलती से पिंजरा खुला रह गया। इसी बात को लेकर बड़े भाई और छोटे भाई में कहासुनी शुरू हो गई।
कहासुनी कुछ ही मिनटों में झगड़े में बदल गई। गुस्से में आकर बड़े भाई ने अपने दोनों बेटों को बुला लिया और तीनों ने मिलकर छोटे भाई की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। घटना में छोटे भाई को गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गया। परिजनों ने किसी तरह बीच-बचाव कर घायल को घरघोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की जानकारी मिलते ही घरघोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल के बयान दर्ज किए और घटना स्थल का निरीक्षण किया। फिलहाल मामला पारिवारिक विवाद के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट और गंभीर हमले के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और उनकी तलाश जारी है।
थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि विवाद का कारण तोते के उड़ जाने को लेकर हुई बहस थी। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामूली कारणों पर हिंसा करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
गांव में चर्चा का विषय बना मामला
तोते को लेकर हुए इस पारिवारिक झगड़े की खबर गांवभर में फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों भाइयों के बीच पहले भी छोटे-मोटे विवाद होते रहे हैं, लेकिन इस बार बात हाथापाई तक पहुंच गई। ग्रामीणों ने इस घटना को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक” बताया है।
पारिवारिक विवादों पर बढ़ती हिंसा पर चिंता
ऐसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि पारिवारिक विवाद अब छोटी-छोटी बातों पर भी हिंसक रूप ले रहे हैं। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ते तनाव और संवाद की कमी ऐसे विवादों को बढ़ावा देती है। समाज में सहनशीलता और आपसी समझ की जरूरत पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।

