रायपुर। प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति जताई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति है। कांग्रेस ने प्रभावित पंचायतों की सूची भी जारी की है।
शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कई स्थानों पर नए मतदाताओं को फॉर्म तक उपलब्ध नहीं कराए गए, नए बूथों पर बीएलओ की नियुक्ति नहीं है, जिसके कारण पात्र मतदाता नाम जुड़वाने से वंचित रह गए। कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निर्देश जारी कर ग्राम पंचायत, वार्ड और बूथ स्तर पर शिविर लगाकर छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएं।
कांग्रेस ने अपने पत्र में कहा कि निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अनेक पात्र नागरिकों को दस्तावेजों की कमी, पर्याप्त जानकारी के अभाव और तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसके चलते वे मतदाता सूची से बाहर रह गए।
इसके अलावा कांग्रेस ने यह भी उल्लेख किया कि खेती का मौसम समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन कर जाते हैं, जिससे वे एसआईआर प्रक्रिया में भाग नहीं ले सके। वहीं बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सलवा-जुड़ूम के दौरान विस्थापित हुए आदिवासी परिवारों के नाम भी बड़ी संख्या में छूटने का आरोप लगाया गया है।

