जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल मंगलवार को जांजगीर-चांपा जिले के खोखरा स्थित जिला जेल पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से कथित धोखाधड़ी के मामले में बंद जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू से मुलाकात की। जेल में हुई इस मुलाकात के दौरान भूपेश बघेल ने पूरे प्रकरण, अब तक की गई प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई को लेकर विधायक बालेश्वर साहू से विस्तृत चर्चा की।
गौरतलब है कि जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू पर किसानों से धोखाधड़ी का आरोप है और इसी मामले में वे वर्तमान में जिला जेल खोखरा में बंद हैं। उनके समर्थन में कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही है और इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार देती आई है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जेल पहुंचना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
जेल में मुलाकात के बाद भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत करते हुए पूरी कार्रवाई को गलत और एकतरफा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विरोधी दल के नेताओं को परेशान करने की नीयत से इस तरह की कार्रवाई कर रही है। भूपेश बघेल ने कहा कि यह कोई न्यायिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है।
उन्होंने कहा, “भाजपा की सरकार हो, चाहे केंद्र में मोदी की सरकार हो या राज्य में विष्णुदेव साय की सरकार, दोनों जगह बदले की राजनीति हो रही है। जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे डराने और दबाने के लिए जेल भेजने की कोशिश की जाती है।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भाजपा को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आम आदमी जिए या मरे। उन्हें सिर्फ सत्ता और विरोधियों को कुचलने की चिंता है। उन्होंने कहा, “अगर आप अपने हक की बात करेंगे, किसानों की बात करेंगे, गरीबों की आवाज बनेंगे, तो सीधे जेल भेजने की धमकी दी जाती है और कार्रवाई की जाती है।”
इस दौरान भूपेश बघेल ने अपने बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से सवाल पूछे हैं। भूपेश बघेल के मुताबिक, कोर्ट ने यह कहा है कि न तो चैतन्य बघेल को नोटिस दिया गया, न ही उनसे पूछताछ की गई और सीधे उठाकर कार्रवाई कर दी गई, जो कि नियमों के पूरी तरह खिलाफ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है। भूपेश बघेल ने कहा कि कानून और संवैधानिक संस्थाओं का इस तरह से इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू के मामले में भी निष्पक्ष जांच नहीं हुई है और जल्दबाजी में कार्रवाई की गई है। पार्टी इसे किसानों और जनप्रतिनिधियों की आवाज को दबाने का प्रयास बता रही है।
भूपेश बघेल की इस मुलाकात और बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से सियासी गर्मी बढ़ गई है। भाजपा की ओर से हालांकि अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

