अंबिकापुर। अंबिकापुर में खाकी की दबंगई का मामला सामने आया है। यहां वर्दी के नशे में चूर एक हेड कांस्टेबल ने कार सवार वकील और उसके बेटी की जमकर पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि गाड़ी मोड़ने के दौरान इंडिकेटर नहीं देने के विवाद पर हेड कॉन्स्टेबल ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट की घटना को अंजाम दिया। वहीं वकील की पत्नी के साथ भी अभद्रता की गयी। इस मामले में पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल सहित चार के खिलाफ जहां एफआईआर दर्ज किया है। वहीं एसएसपी ने आरोपी हेड कांस्टेबल को तत्काल सस्पेंड कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक ये घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि फुंदुरडिहारी निवासी वकील राजेश तिवारी का पुत्र राहुल तिवारी अपनी कार को पोर्च के अंदर खड़ा करने के लिए घर से निकला था। गाड़ी मोड़ने के लिए वह कार लेकर पटेलपारा तिराहे तक गया था। गाड़ी मोड़कर वह वापस घर की ओर जाने के लिए मुड़ा, तभी वहां चारपहिया वाहन सवार गांधीनगर थाने का हेडकांस्टेबल संतोष कश्यप एक साथी के साथ पहुंचा।
संतोष कश्यप ने राहुल तिवारी की कार के सामने अपनी गाड़ी लगा दी और बिना इंडिकेटर दिए गाड़ी मोड़ने को लेकर गाली-गलौच करने लगा। विवाद बढ़ने पर हेड कॉन्स्टेबल संतोष व उसके साथी ने राहुल तिवारी के साथ घर के सामने ही जमकर मारपीट की। राहुल तिवारी ने फोन पर अपने पिता राजेश तिवारी को घटना की जानकारी दी। वहीं संतोष कश्यप की सूचना पर उसके दो अन्य साथी भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
राजेश तिवारी और उनकी पत्नी संध्या तिवारी मौके पर पहुंचे तो संतोष कश्यप अपने साथियों के साथ राहुल को जमीन पर गिराकर पीट रहे थे। बीच बचाव करने पर राजेश तिवारी के साथ भी हेड कॉन्स्टेबल और उसके तीन साथियों ने मारपीट की। बीच बचाव करने पहुंची वकील की पत्नी संध्या तिवारी के साथ ही आरोपियों ने धक्का-मुक्की की। मारपीट की इस घटना में अधिवक्ता राजेश तिवारी का बायां पैर फ्रैक्चर हो गया।
SSP के निर्देश पर पुलिस ने रात में ही लिया एक्शन
बताया जा रहा है कि इस घटना की जानकारी के बाद जहां ब्राम्हण समाज काफी नाराज है। वहीं घटना की जानकारी रात में ही सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल को दी गई। मामले में एसएसपी के निर्देश पर गांधीनगर पुलिस ने अपने ही थाने के हेड कॉन्स्टेबल संतोष कश्यप सहित उसके तीन साथियों के खिलाफ के अपराध दर्ज किया है। मामले में एसपी ने हेड कॉन्स्टेबल को तत्काल लाइन अटैच करने का आदेश दिया। वहीं ब्राम्हण समाज के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एसएसपी ने आज आरोपी हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है।

