रायपुर। शराब घोटाला मामले में पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक कवासी की जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी।
राज्य की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने जल्द सुनवाई का विरोध किया और कहा कि जांच अभी भी जारी है। उन्होंने तर्क दिया कि इस मामले में मंत्रियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग का आरोप है। जेठमलानी ने दावा किया कि आरोपियों ने सरकारी खजाने को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
मुख्य न्यायाधीश ने रिकॉर्ड पर रखे गये हलफनामे का जिक्र करते हुए इस आरोप पर ध्यान दिया कि याचिकाकर्ता को कमीशन के तौर पर 64 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें से 4.6 करोड़ रुपये कथित तौर पर पार्टी से संबंधित गतिविधियों के लिये और लगभग 10 करोड़ रुपये व्यक्तिगत संपत्ति के लिए इस्तेमाल किये गये थे। इसमें उनके और उनके बेटे के घर शामिल हैं।
पीठ ने यह भी कहा कि साहू सहित कुछ अधिकारियों के खिलाफ आरोप अधिक गंभीर बताये गये हैं। याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि कई आरोपी पहले से ही जमानत पर हैं। उन्होंने बताया कि 1,100 से अधिक गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है और छह आरोप पत्र दायर किये गये हैं। उन्होंने कार्यवाही के इस चरण में लगातार हिरासत में रखने के औचित्य पर सवाल उठाया। पीठ ने स्पष्ट किया कि मुख्य मामलों पर उचित समय पर पूरी सुनवाई की जाएगी।

