रायपुर। दुर्ग में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उस बयान पर सियासत तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुगल शासनकाल में भी हिंदू कभी खतरे में नहीं थे और भाजपा–आरएसएस डर फैलाकर चुनाव जीतते हैं। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कड़ा पलटवार किया है।
अजय चंद्राकर ने कहा कि भूपेश बघेल को बयान देने से पहले इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद अली जिन्ना और लियाकत अली खान की कितनी पीढ़ियों का धर्मांतरण हुआ और किन परिस्थितियों में हुआ, इस पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कश्मीर की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) क्या थी और उसमें बदलाव क्यों आया, इसका अध्ययन किए बिना बयान देना उचित नहीं है। तथ्यों और संदर्भों के बिना बयान देना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है।
छत्तीसगढ़ बंद पर अजय चंद्राकर का बयान
सर्व आदिवासी समाज द्वारा 24 दिसंबर को छत्तीसगढ़ बंद के आह्वान को लेकर अजय चंद्राकर ने कहा कि धर्मांतरण के माध्यम से भारतीय संस्कृति और बस्तर पर सुनियोजित हमला किया जा रहा है। इसके पीछे विदेशी ताकतों और अंतरराष्ट्रीय साजिशों की भूमिका है। उन्होंने कहा कि ऐसे में स्थानीय स्तर पर विरोध होना स्वाभाविक है। प्रदेश के लोग अपनी परंपरा और संस्कृति की रक्षा को लेकर सजग हैं। समाज को समय रहते ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। अशिक्षा और पिछड़ेपन के कारण धर्मांतरण की घटनाएं सामने आ रही हैं।
ड्राफ्ट मतदाता सूची आज होगी जारी
छत्तीसगढ़ की ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर विधायक चंद्राकर ने बताया कि एसआईआर की ड्राफ्ट सूची आज जारी की जाएगी। इसमें जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है या जो लोग पलायन कर गए हैं, उनके नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया शत-प्रतिशत छत्तीसगढ़ में ही संपन्न हुई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा कोई ठोस आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है।

