रायपुर। नेशनल हेराल्ड प्रकरण में कांग्रेस की वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ एक और FIR दर्ज होने के बाद देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में रायपुर में भी कांग्रेसजनों ने ED कार्यालय का घेराव कर उग्र विरोध किया। बड़ी संख्या में पहुंचे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ईडी कार्यालय के बाहर केंद्र सरकार और एजेंसी का पुतला दहन किया। वहीं, हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

दरअसल, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 30 नवंबर को सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नई FIR दर्ज की है। FIR संख्या 0124/2025 में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इसमें कुल नौ आरोपियों को नामजद किया गया है—छह व्यक्ति और तीन कंपनियां। यह FIR ईडी की 3 अक्टूबर 2025 की शिकायत पर आधारित है, जिसमें PMLA की धारा 66(2) के तहत अनुसूचित अपराध दर्ज करने की मांग की गई थी।
शिकायत में आरोप है कि कांग्रेस से संबद्ध एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की लगभग 2,000 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों पर धोखाधड़ी कर मात्र 50 लाख रुपए में कब्जा करने की साजिश रची गई। ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, यंग इंडियन को एक “स्पेशल पर्पस व्हीकल” के रूप में इस्तेमाल करते हुए सार्वजनिक धन को निजी लाभ में बदलने की कोशिश की गई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कोलकाता स्थित संदिग्ध शेल कंपनी डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड ने यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपए का लेनदेन किया, जिसे संदेहास्पद माना गया है।
ईडी ने 9 अप्रैल 2025 को राऊज एवेन्यू कोर्ट में धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल की थी, जिस पर अदालत ने संज्ञान लेने का निर्णय सुरक्षित रखा है। नई FIR में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और सुनील भंडारी के नाम शामिल हैं, जबकि यंग इंडियन, डॉटेक्स मर्चेंडाइज और AJL के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पूर्व कांग्रेस नेता मोतीलाल वोहरा और ऑस्कर फर्नांडिस के नाम जांच में आए थे, लेकिन निधन होने के कारण उन्हें आरोपियों की सूची में शामिल नहीं किया गया।
क्या है नेशनल हेराल्ड मामला?
आजादी के दौर में 1938 में जवाहरलाल नेहरू द्वारा ‘नेशनल हेराल्ड’ को एक राष्ट्रवादी अखबार के रूप में शुरू किया गया था। इसका संचालन एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) करती थी। 1942 में ब्रिटिश सरकार ने इस अखबार पर प्रतिबंध लगाया, लेकिन तीन साल बाद इसका प्रकाशन फिर शुरू हुआ। आर्थिक संकट के चलते 2008 में यह बंद हो गया।
AJL पर एआईसीसी का 90.21 करोड़ रुपए का ब्याजमुक्त ऋण बकाया था। आरोप है कि 2010 में गठित यंग इंडियन कंपनी ने यह ऋण सिर्फ 50 लाख रुपए में खरीद लिया, जिससे वह AJL की संपत्तियों की लाभार्थी बन गई। यंग इंडियन में सोनिया और राहुल गांधी की संयुक्त हिस्सेदारी 76% है। यह विवाद 2012 में तब और बढ़ा जब बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अदालत में शिकायत दर्ज कर धोखाधड़ी और विश्वासघात का आरोप लगाया।
रायपुर समेत कई शहरों में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन जारी हैं। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, जबकि ईडी और पुलिस जांच को तथ्यों पर आधारित बता रहे हैं।

