कोरबा। रविवार की देर रात एक बड़ी लापरवाही और सुरक्षा चुनौती का मामला सामने आया है। बालको प्लांट से कोयला लेकर लौट रही मालगाड़ी के इंजन पर अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। इस घटना में लोको पायलट ओ.पी. आदिले और सहायक लोको पायलट सुनील कुमार को चोटें आईं, वहीं ट्रेन इंजन का अगला शीशा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
यह घटना डेंगूरनाला पुल और सीएसईबी चौक के बीच की बताई जा रही है, जहां अक्सर कोयला चोरी की घटनाएं होती रही हैं। बताया जा रहा है कि जब मालगाड़ी बालको प्लांट से रवाना होकर कोरबा की ओर लौट रही थी, तभी अचानक इंजन पर पत्थरों की बौछार शुरू हो गई। तेज आवाज और टूटते शीशे से घबराए लोको पायलटों ने तुरंत ट्रेन को रोका और स्थिति का जायजा लिया।
घायल लोको पायलट और उनके सहयोगी ने किसी तरह ट्रेन को सुरक्षित तरीके से अगले स्टेशन तक पहुंचाया और वहां स्टेशन मास्टर को घटना की लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में बताया गया है कि पथराव करने वाले संभवतः कोयला चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य थे, जो ट्रेन की रफ्तार धीमी होने पर हमला कर कोयले के डिब्बों से चोरी करने की कोशिश करते हैं।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस मार्ग पर रात के समय कई बार इस तरह की हरकतें देखी गई हैं। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में कोयला चोरी और पथराव जैसी घटनाओं पर अब तक ठोस रोक नहीं लग पाई है। इससे न केवल रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि ट्रेनों के चालक दल की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।
रेल प्रशासन ने घटना की सूचना आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) और जीआरपी (रेल पुलिस) को दे दी है। दोनों एजेंसियों की टीम घटनास्थल पर जांच करने पहुंची है। अधिकारियों ने बताया कि आसपास के गांवों और झुग्गी बस्तियों में पूछताछ की जा रही है। रेलवे ने इस मार्ग पर गश्त बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, डेंगूरनाला क्षेत्र में कोयला चोरी का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है। रात के समय कोयले से भरी ट्रेनों को निशाना बनाकर पथराव किया जाता है ताकि चालक दल डर जाए और ट्रेन की गति धीमी हो जाए। फिर मौका पाकर गिरोह के सदस्य खुले डिब्बों से कोयला निकाल लेते हैं।

