रायपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में राजेश शर्मा द्वारा प्राचार्य पदोन्नति में व्याख्याता संवर्ग के 65% में से एल बी संवर्ग के लिए 30 प्रतिशत कोटे के प्रावधान को चुनौती दी गई थी, जिस पर आज 4 नवंबर को माननीय सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस नरसिम्हा जी के 4 नम्बर कोर्ट में सुनवाई हुई जिसमें एल बी संवर्ग की ओर से रामगोपाल साहू के अधिवक्ता आशुतोष गढ़े जी के साथ हमारे सीनियर अधिवक्ता गौरव अग्रवाल ने तथ्यों के साथ पक्ष रखा।
याचिकाकर्ता राजेश शर्मा के पक्ष को पूर्णतः निराधार व गलत, द्वेषवश और असंवैधानिक नियमों के विपरीत बताते हुए हमारे अधिवक्ता ने अपनी बातें रखी, जिसको जस्टिस नरसिम्हा ने अच्छे ढंग से सुना, शासन पक्ष की ओर से नटराजन भी शामिल हुए लेकिन पूर्णतः हमारे अधिवक्ता आशुतोष गढ़े और हमारे सीनियर अधिवक्ता गौरव अग्रवाल ने चर्चा और बहस को अंतिम मुकाम तक पहुंचाया जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट में राजेश शर्मा के द्वारा लगाई गई प्राचार्य पदोन्नति के “कोटे में कोटा” याचिका को खारिज कर दिया गया।
संजय शर्मा ने कहा है कि अब प्राचार्य पदोन्नति में सुप्रीम कोर्ट से बाधा खत्म हो चुका है छत्तीसगढ़ के हाईकोर्ट के डबल बैंच में शासन व पदोन्नति हेतु पक्ष में फैसला दिया गया है, केवल अब सिंगल बैंच के सुरक्षित फैसले का अवरोध है जो शीघ्र दूर होगा, अब निर्णय भी शीघ्र घोषित होगा व पोस्टिंग में किसी प्रकार से बाधा किसी स्तर पर नहीं होगी। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने सभी ई व टी संवर्ग के साथियों को बधाई भी दी है।

