रायगढ़। तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत सीएचपी चौक, लिब्रा में धरना-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट, बदसलूकी, अमानवीय एवं निंदनीय व्यवहार, कपड़े फाड़ने, अभद्रता और लूट की गंभीर घटना में संलिप्त पांच आरोपियों को रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, दो अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार सघन तलाश की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास (सभी निवासी ग्राम आमगांव) तथा वनमाली राठिया निवासी ग्राम झरना शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने महिला आरक्षक पर जानलेवा हमला करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की, आपत्तिजनक और अमर्यादित व्यवहार किया, कपड़े फाड़े तथा लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। इस गंभीर मामले में थाना तमनार में अपराध क्रमांक 309/25 दर्ज कर धारा 109, 74, 76, 296, 351(2), 115(2), 221, 132, 309(4), 309(6), 3(5) भारतीय न्याय संहिता एवं आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गारे–पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान के संचालन को लेकर 8 दिसंबर 2025 को धौराभांठा बाजार मैदान में जनसुनवाई आयोजित की गई थी। इसके विरोध में खदान से प्रभावित 14 ग्रामों के ग्रामीणों ने 12 दिसंबर से सीएचपी चौक, लिब्रा में आर्थिक नाकेबंदी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
स्थिति सामान्य करने के उद्देश्य से 27 दिसंबर 2025 को जब पुलिस-प्रशासन द्वारा मार्ग खुलवाने की कार्रवाई की जा रही थी, उसी दौरान प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पुलिस बल पर हमला कर दिया। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। घटना के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट, गाली-गलौज और अभद्र टिप्पणियां किए जाने से समाज में भारी आक्रोश फैल गया।
महिला पुलिसकर्मी के साथ हुई इस शर्मनाक घटना के सभी पहलुओं की रायगढ़ पुलिस गहन जांच कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

