स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खत्म हुआ, जहां टीम इंडिया को 30 रनों की करारी हार झेलनी पड़ी। इस नतीजे का असर न सिर्फ सीरीज पर पड़ा, बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) प्वाइंट्स टेबल में भी भारत को बड़ा नुकसान हुआ है।
WTC प्वाइंट्स टेबल में बड़ा नुकसान
कोलकाता टेस्ट का सबसे बड़ा नुकसान भारत को WTC 2025-27 प्वाइंट्स टेबल में झेलना पड़ा। इस मुकाबले से पहले भारतीय टीम तीसरे स्थान पर थी, लेकिन हार के बाद वह सीधे चौथे स्थान पर खिसक गई। भारत अब तक इस चक्र में कुल 8 मुकाबले खेल चुका है, जिनमें से उसने चार में जीत दर्ज की है, जबकि तीन मैचों में उसे हार मिली है। इन परिणामों के चलते टीम का अंक प्रतिशत घटकर 54.17 रह गया है, जिससे फाइनल की दौड़ उसके लिए और मुश्किल बन गई है।
दक्षिण अफ्रीका को मिला बड़ा फायदा
इस जीत से दक्षिण अफ्रीका को प्वाइंट्स टेबल में बड़ा उछाल मिला है। कोलकाता टेस्ट से पहले वे चौथे स्थान पर थे, लेकिन भारत को हराकर Proteas टीम सीधे दूसरे स्थान पर पहुंच गई। दक्षिण अफ्रीका ने इस चक्र में अब तक तीन मुकाबले खेले हैं, जिनमें से दो में जीत और एक में हार दर्ज की है। इन नतीजों के चलते उनका अंक प्रतिशत बढ़कर 66.67 हो गया है और वे शीर्ष टीमों में मजबूती से शामिल हो गए हैं।
ऑस्ट्रेलिया सबसे ऊपर, पाकिस्तान को भी हुआ नुकसान
WTC की वर्तमान स्थिति की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया 100 प्रतिशत अंक के साथ पहले स्थान पर काबिज है और अभी तक अजेय बना हुआ है। श्रीलंका 66.67 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, भारत की हार के बाद प्वाइंट्स टेबल में मची उथल-पुथल में पाकिस्तान की टीम को भी झटका लगा है। वह चौथे से पांचवें स्थान पर खिसक गई, उसके 50 प्रतिशत अंक है। इंग्लैंड 43.33 प्रतिशत अंक के साथ छठे नंबर पर है। निचले स्थानों पर बांग्लादेश और वेस्टइंडीज की टीमें मौजूद हैं, जबकि न्यूजीलैंड अभी तक इस चक्र का अपना पहला मैच नहीं खेल सका है और आखिरी स्थान पर है।
कुल मिलाकर, कोलकाता टेस्ट में मिली हार भारतीय क्रिकेट टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुई। बल्लेबाजी की नाकामी से मैच हाथ से निकल गया और WTC प्वाइंट्स टेबल में भी टीम को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अब दूसरा टेस्ट भारत के लिए ‘करो या मरो’ जैसा बन चुका है। जीत ही भारत को सीरीज में वापसी दिला सकती है और WTC में उसकी स्थिति को मजबूत कर सकती है।

